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भारत ने Chandipur (ओडिशा) से सफलतापूर्वक Agni-5 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। जानिए इस मिसाइल की खासियतें, क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव। agni-5 test fire india 2025 |
Table of Contents
1. परिचय – Agni-5 परीक्षण से क्यों हिल गया पूरा क्षेत्र? | agni-5 test fire india 2025
आज, 20 अगस्त 2025 को, भारत ने अपनी क्षमताओं का एक बड़ा प्रदर्शन किया—Agni-5 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को ओडिशा के Chandipur स्थित Integrated Test Range से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह मिसाइल सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर को वेलिडेट करने में सक्षम रही, जो हमारी रणनीतिक क्षमताओं का मजबूत संकेत है।
2. Agni-5 क्या है, और इसमें क्या खासियतें हैं?
- Intercontinental Range: लगभग 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने में सक्षम। यह मिसाइल मिरव (MIRV) तकनीक से लैस है, जिससे एक मिसाइल से एक से ज्यादा लक्ष्य पर हमला संभव है।
- नवीनतम नेविगेशन: इसमें RLG-INS और MINGS के साथ NavIC और GPS जैसे प्रणालियों का प्रयोग होता है, जो सटीकता बढ़ाते हैं।
- तेजी से तैनाती: यह सीलित कैनिस्टर में स्थित रहती है, जिससे तैनाती तेज़ी से की जा सकती है।
3. भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता में यह कदम क्यों मायने रखता है?
- रणनीतिक विरोधी क्षमता (Second Strike): यह परीक्षण भारत की सुदृढ़ deterrence क्षमता को मजबूत करता है, विशेष रूप से क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ रही पृष्ठभूमि में।
- प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भरता: भारत ने इस परीक्षण से अपनी indigenous क्षमता—DRDO के माध्यम से—को प्रमाणित किया है।
- रेजनल पावर बैलेंस: चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है कि भारत अपनी रक्षा क्षमताओं में निरंतर मजबूती ला रहा है (Pakistan भी विशेष रूप से इस परीक्षण को लेकर सतर्क हो सकता है)
4. Agni-5 की तुलना – भारत की मिसाइल श्रृंखला में कहाँ खड़ी है यह?
नामांकित Agni-1, Agni-2, Agni-3 जैसी मिसाइलें छोटी से मध्यम दूरी के लिए उपयोगी हैं।
लेकिन Agni-5, जो कि एक प्राथमिकी लंबी दूरी MISIL है, नई तकनीक और विशाल क्षमता के साथ एक अलग स्थान रखती है।
5. भविष्य की योजना – Agni-5 के ‘बंकर बस्टर’ रूप क्या है?
DRDO Agni-5 के दो नए संस्करणों पर काम कर रहा है—Bunker-Buster और Airburst। ये 7,500 से 8,000 किलोग्राम के वॉरहेड ले जा सकते हैं, और सुरक्षित केंद्रों को निशाना बना सकते हैं। यह मिसाइलें Mach 8–20 की रफ़्तार से उड़ान भर सकती हैं।
6. क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य
- निरंतर मिसाइल परीक्षण का असर: पिछले कुछ हफ्तों में Prithvi-II और Agni-1 का फायरिंग परीक्षण भी सफल रहा—इससे पता चलता है कि भारत अपनी रक्षा तैयारियों में तेजी से सुधार कर रहा है।
- वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव: इस परीक्षण से मिसाइल तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज होगी और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण व्यापक रूप से प्रभावित होंगे।
7. निष्कर्ष – Agni-5 परीक्षण से कैसे बदलेगा परिदृश्य?
भारत ने सिर्फ एक मिसाइल नहीं फायर की—बल्कि अपने रणनीतिक आत्म-विश्वास, तकनीकी क्षमताओं और क्षेत्रीय नेतृत्व का नया अध्याय लिखा है। यह सफलता DRDO, रक्षा मंत्रालय और एजेंसियों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
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FAQ – Agni-5 Test Fire Explained
Q1. Agni-5 किस प्रकार की मिसाइल है?
यह एक Intermediate Range Ballistic Missile (IRBM) है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 5,000 किलोमीटर है।
Q2. MIRV क्या होता है और Agni-5 में उसका क्या महत्व है?
MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) तकनीक एक ही मिसाइल को विभिन्न लक्ष्यों पर वार करने में सक्षम बनाती है—इससे रणनीतिक प्रभावशीलता बढ़ती है।
Q3. Agni-5 का परीक्षण कहां हुआ?
यह परीक्षण ओडिशा के Chandipur Integrated Test Range से किया गया।
Q4. यह परीक्षण भारत की रक्षा क्षमता के नजरिए से क्यों अहम है?
यह भारत की “second-strike” क्षमता और क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता का तत्व है—यह दिखाता है कि भारत अपनी मिसाइल तकनीकों और न्यायिक तैयारियों को कैसे मजबूत कर रहा है।
⚠️ डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक एवं सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इसमें शामिल सभी समाचार, तथ्य और विवरण विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स एवं सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित हैं। यह किसी भी प्रकार से सरकारी प्रेस रिलीज़ या आधिकारिक घोषणा का विकल्प नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी रक्षा, रणनीतिक या नीतिगत जानकारी के लिए भारत सरकार के आधिकारिक स्रोत देखें।
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